class 12 physics chapter 2 ( स्थिर विधुत विभव तथा धारिता ) Objective Question Hindi

कक्षा 12 भौतिक विज्ञान अध्याय 2: स्थिर वैद्युत विभव तथा धारिता - वस्तुनिष्ठ प्रश्न

1. वैद्युत विभव का S.I. मात्रक है:

(A) वोल्ट
(B) न्यूटन
(C) कूलॉम
(D) जूल

उत्तर: (A) वोल्ट

विश्लेषण: वैद्युत विभव का मात्रक वोल्ट (V) है, जो J/C के बराबर होता है।

2. एक बिंदु आवेश के कारण वैद्युत विभव का सूत्र है:

(A) V = kq/r
(B) V = kq/r²
(C) V = q/4πε₀r²
(D) V = q/r

उत्तर: (A) V = kq/r

विश्लेषण: बिंदु आवेश के लिए विभव V = kq/r होता है।

3. समविभव सतह की विशेषता है:

(A) विद्युत क्षेत्र इसके समानांतर होता है
(B) विद्युत क्षेत्र इसके लंबवत होता है
(C) विद्युत क्षेत्र शून्य होता है
(D) इनमें से कोई नहीं

उत्तर: (B) विद्युत क्षेत्र इसके लंबवत होता है

विश्लेषण: समविभव सतह पर विभव स्थिर होता है, और विद्युत क्षेत्र रेखाएँ इसके लंबवत होती हैं।

4. धारिता का S.I. मात्रक है:

(A) फैराड
(B) वोल्ट
(C) ओम
(D) जूल

उत्तर: (A) फैराड

विश्लेषण: धारिता का मात्रक फैराड (F) है।

5. संधारित्र की धारिता निर्भर करती है: (Bihar Board 2020)

(A) प्लेटों के क्षेत्रफल पर
(B) प्लेटों के बीच की दूरी पर
(C) माध्यम के परावैद्युत स्थिरांक पर
(D) उपरोक्त सभी

उत्तर: (D) उपरोक्त सभी

विश्लेषण: धारिता C = ε₀εrA/d पर निर्भर करती है।

6. यदि दो संधारित्र श्रेणी में जुड़े हों, तो उनकी तुल्य धारिता होगी:

(A) C₁ + C₂
(B) 1/C₁ + 1/C₂
(C) C₁C₂/(C₁ + C₂)
(D) C₁ - C₂

उत्तर: (C) C₁C₂/(C₁ + C₂)

विश्लेषण: श्रेणी संयोजन में 1/C = 1/C₁ + 1/C₂।

7. समांतर संयोजन में तुल्य धारिता होती है:

(A) C₁ + C₂
(B) 1/C₁ + 1/C₂
(C) C₁C₂/(C₁ + C₂)
(D) C₁ - C₂

उत्तर: (A) C₁ + C₂

विश्लेषण: समांतर संयोजन में C = C₁ + C₂।

8. वैद्युत विभव ऊर्जा का सूत्र है:

(A) U = kq₁q₂/r
(B) U = kq₁q₂/r²
(C) U = qV
(D) U = q/V

उत्तर: (A) U = kq₁q₂/r

विश्लेषण: दो आवेशों के बीच वैद्युत विभव ऊर्जा U = kq₁q₂/r।

9. संधारित्र में संचित ऊर्जा का सूत्र है:

(A) U = ½CV²
(B) U = CV²
(C) U = ½C/V²
(D) U = C/V

उत्तर: (A) U = ½CV²

विश्लेषण: संधारित्र की ऊर्जा U = ½CV² या U = ½qV।

10. यदि संधारित्र की प्लेटों के बीच की दूरी दोगुनी कर दी जाए, तो धारिता:

(A) दोगुनी हो जाएगी
(B) आधी हो जाएगी
(C) अपरिवर्तित रहेगी
(D) चौगुनी हो जाएगी

उत्तर: (B) आधी हो जाएगी

विश्लेषण: धारिता C ∝ 1/d, अतः दूरी दोगुनी होने पर धारिता आधी हो जाती है।

11. वैद्युत विभव का कार्य होता है: (Bihar Board 2021)

(A) बल का माप
(B) ऊर्जा का माप
(C) आवेश का माप
(D) धारा का माप

उत्तर: (B) ऊर्जा का माप

विश्लेषण: वैद्युत विभव प्रति एकांक आवेश पर ऊर्जा को मापता है।

12. एक संधारित्र की धारिता 2 μF है। यदि इसे 200 V से चार्ज किया जाए, तो संचित आवेश होगा: (Bihar Board 2019)

(A) 400 μC
(B) 200 μC
(C) 100 μC
(D 벌

उत्तर: (A) 400 μC

विश्लेषण: q = CV = 2 × 200 = 400 μC।

13. परावैद्युत माध्यम का प्रभाव धारिता पर होता है:

(A) धारिता को बढ़ाता है
(B) धारिता को घटाता है
(C) कोई प्रभाव नहीं
(D) धारिता को शून्य करता है

उत्तर: (A) धारिता को बढ़ाता है

विश्लेषण: परावैद्युत स्थिरांक (εr) धारिता को बढ़ाता है, C = ε₀εrA/d।

14. वैद्युत विभव का आयाम है:

(A) स्केलर
(B) सदिश
(C) दोनों
(D) इनमें से कोई नहीं

उत्तर: (A) स्केलर

विश्लेषण: वैद्युत विभव एक स्केलर राशि है।

15. यदि संधारित्र की प्लेटों का क्षेत्रफल दोगुना कर दिया जाए, तो धारिता:

(A) दोगुनी हो जाएगी
(B) आधी हो जाएगी
(C) अपरिवर्तित रहेगी
(D) चौगुनी हो जाएगी

उत्तर: (A) दोगुनी हो जाएगी

विश्लेषण: धारिता C ∝ A, अतः क्षेत्रफल दोगुना होने पर धारिता दोगुनी हो जाती है।

16. वैद्युत विभव और विद्युत क्षेत्र के बीच संबंध है:

(A) E = -dV/dr
(B) E = dV/dr
(C) E = V/r
(D) E = V·r

उत्तर: (A) E = -dV/dr

विश्लेषण: विद्युत क्षेत्र E वैद्युत विभव V के अवकलज के विपरीत होता है।

17. संधारित्र की ऊर्जा घनत्व का सूत्र है:

(A) u = ½ε₀E²
(B) u = ε₀E²
(C) u = ½ε₀/E²
(D) u = ε₀/E

उत्तर: (A) u = ½ε₀E²

विश्लेषण: विद्युत क्षेत्र में ऊर्जा घनत्व u = ½ε₀E² होता है।

18. एक संधारित्र की धारिता 4 μF है और इसे 100 V से चार्ज किया गया है। संचित ऊर्जा है:

(A) 0.02 J
(B) 0.04 J
(C) 0.08 J
(D) 0.01 J

उत्तर: (A) 0.02 J

विश्लेषण: U = ½CV² = ½ × 4 × 10⁻⁶ × (100)² = 0.02 J।

19. समविभव सतह पर कार्य करने वाला बल:

(A) शून्य होता है
(B) लंबवत होता है
(C) समानांतर होता है
(D) 45° पर होता है

उत्तर: (A) शून्य होता है

विश्लेषण: समविभव सतह पर कोई कार्य नहीं होता क्योंकि विद्युत क्षेत्र लंबवत होता है।

20. वैद्युत विभव का परिमाण निर्भर करता है:

(A) दूरी पर
(B) आवेश पर
(C) A और B दोनों
(D) इनमें से कोई नहीं

उत्तर: (C) A और B दोनों

विश्लेषण: V = kq/r, जो दूरी और आवेश पर निर्भर करता है।

21. संधारित्र की धारिता का सूत्र है:

(A) C = ε₀εrA/d
(B) C = ε₀A/d
(C) C = A/d
(D) C = ε₀d/A

उत्तर: (A) C = ε₀εrA/d

विश्लेषण: यह समांतर प्लेट संधारित्र का सूत्र है।

22. यदि संधारित्र की प्लेटों के बीच परावैद्युत स्थिरांक दोगुना हो जाए, तो धारिता:

(A) दोगुनी हो जाएगी
(B) आधी हो जाएगी
(C) अपरिवर्तित रहेगी
(D) चौगुनी हो जाएगी

उत्तर: (A) दोगुनी हो जाएगी

विश्लेषण: धारिता C ∝ εr, अतः परावैद्युत स्थिरांक दोगुना होने पर धारिता दोगुनी हो जाती है।

23. दो संधारित्र 2 μF और 3 μF श्रेणी में जुड़े हैं। तुल्य धारिता है:

(A) 5 μF
(B) 1.2 μF
(C) 6 μF
(D) 0.83 μF

उत्तर: (B) 1.2 μF

विश्लेषण: 1/C = 1/2 + 1/3 = 5/6, अतः C = 6/5 = 1.2 μF।

24. दो संधारित्र 2 μF और 3 μF समांतर में जुड़े हैं। तुल्य धारिता है:

(A) 5 μF
(B) 1.2 μF
(C) 6 μF
(D) 0.83 μF

उत्तर: (A) 5 μF

विश्लेषण: C = C₁ + C₂ = 2 + 3 = 5 μF।

25. वैद्युत विभव ऊर्जा का मात्रक है:

(A) जूल
(B) वोल्ट
(C) फैराड
(D) न्यूटन

उत्तर: (A) जूल

विश्लेषण: वैद्युत विभव ऊर्जा का मात्रक जूल (J) है।

26. एक संधारित्र का आवेश दोगुना करने पर संचित ऊर्जा:

(A) दोगुनी हो जाएगी
(B) चौगुनी हो जाएगी
(C) आधी हो जाएगी
(D) अपरिवर्तित रहेगी

उत्तर: (B) चौगुनी हो जाएगी

विश्लेषण: U = ½q²/C, अतः आवेश दोगुना होने पर ऊर्जा चौगुनी हो जाती है।

27. यदि संधारित्र की वोल्टेज दोगुनी हो जाए, तो संचित ऊर्जा:

(A) दोगुनी हो जाएगी
(B) चौगुनी हो जाएगी
(C) आधी हो जाएगी
(D) अपरिवर्तित रहेगी

उत्तर: (B) चौगुनी हो जाएगी

विश्लेषण: U = ½CV², अतः वोल्टेज दोगुना होने पर ऊर्जा चौगुनी हो जाती है।

28. परावैद्युत माध्यम के बिना संधारित्र की धारिता होती है:

(A) C = ε₀A/d
(B) C = εrA/d
(C) C = A/d
(D) C = ε₀d/A

उत्तर: (A) C = ε₀A/d

विश्लेषण: निर्वात में εr = 1, अतः C = ε₀A/d।

29. वैद्युत विभव का कार्य पथ पर:

(A) निर्भर करता है
(B) निर्भर नहीं करता है
(C) केवल दूरी पर निर्भर करता है
(D) केवल आवेश पर निर्भर करता है

उत्तर: (B) निर्भर नहीं करता है

विश्लेषण: वैद्युत विभव संरक्षी बल का कार्य है, जो पथ पर निर्भर नहीं करता।

30. एक संधारित्र को 100 V से चार्ज करने पर उसका आवेश 200 μC है। धारिता है:

(A) 2 μF
(B) 4 μF
(C) 1 μF
(D) 0.5 μF

उत्तर: (A) 2 μF

विश्लेषण: C = q/V = 200 × 10⁻⁶ / 100 = 2 μF।

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S4Raj
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